गाजियाबाद के मसूरी इलाके में एक मासूम की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए उसकी लाश को कब्र खोदकर बाहर निकाला गया. इस मामले में मासूम की मां और मामा ने आरोप लगाया था कि मासूम के पिता ने ही उसका कत्ल किया है. इसके बाद वारदात की शिकायत स्थानीय पुलिस से की गई थी.
इसके बाद डीएम से कब्र दोबारा खुदवाने और पोस्टमॉर्टम करवाने का आग्रह किया गया था. अब कब्र बच्ची की लाश को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट से साफ हो जाएगा कि बच्ची की हत्या की गई थी या नहीं.
आपको बताते चलें कि गाजियाबाद के मसूरी इलाके में रहने वाले एक बाप पर अपनी 17 दिन की बेटी को मारने का आरोप लगा था. जिसकी शिकायत बच्ची के मामा ने थाने में की थी. पुलिस ने जिलाधिकारी से कब्र खुदवाकर उसका पोस्टमॉर्टम कराए जाने की अनुमति ली थी.
अनुमति मिलने के बाद बुधवार को नायब तहसीलदार नीरज कुमार के सामने स्थानीय पुलिस ने कब्र को खुदवाकर बच्ची के शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. रिपोर्ट के बाद यह साफ हो पाएगा कि आखिर बच्ची की हत्या की गई है या बीमारी के कारण उसकी मौत हुई. नायब तहसीलदार नीरज कुमार ने पूरे मामले की पुष्टि की.
उधर, बच्ची के ननिहाल पक्ष के लोग अभी भी लगातार अपनी ही बात पर अड़े हुए हैं. उनका कहना है कि बच्चे की हत्या कर छत पर टंकी के पास फेंका गया था, जिसकी जानकारी उन्हें घर के ही बच्चों और बच्ची की मां ने उन्हें दी थी. बहरहाल अब पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट का इंतजार है. उसके बाद ही पुलिस आगे की कार्रावाई कर पाएगी.
महिलाएं टेड को सुंदर और आकर्षक बताती थीं. यही वजह है कि वो उन्हें आसानी से अपने जाल में फंसा लेता था. उनके साथ फ्लर्ट करता था और फिर अपने वहशी मंसूबे को अंजाम देता था. बताया जाता है कि उसने अपने घर में 12 से अधिक महिलाओं के सिर धड़ से अलग किए थे. और फिर उन्हें अपने घर में इस तरह रखा था, मानो कोई ट्राफी हो. इस कृत्य से उसके वहशीपने का अंदाजा लगाया जा सकता है.
अमेरिका के कई शहरों में की वारदात
थियोडोर रॉबर्ट ने अपने एक दोस्त निल्सन को बताया था कि उसने पहली बार 1969 में ओसियन सिटी में एक महिला के अपहरण का प्रयास किया था. लेकिन उसने 1971 तक किसी की हत्या नहीं की थी. लेकिन इसके बाद 1974 से 1978 के बीच उसने सात राज्यों में कई वारदात को अंजाम दिया.
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